Sunday, February 18, 2007

परिणीता

आसमानी साडी और हरे सूती की कुरती में
औरत सुन रही है बातें, बात नहीं करती
टिन के लाल नये फूलकारी वाले बक्‍से पर

रंगीन चूडियों के गजमज वाले हाथ
गोद में डाले सिमटी बैठी औरत
देखती है आस-पास की वही जानी-पहचानी
दुनिया जैसे जीवन में देख रही हो पहली बार

टेकर के लौंडों का शोर है. मिठाई दूकान का बोर्ड
अपनी किस्‍मत की ही तरह कुछ तिरछा होकर
लटक गया है. तीन बच्‍चे संभाले एक आदमी
लारीवाले की हुज्‍जत में उलझा हुआ है. धूल है
और माथे पर चढती धूप. एक गिरती-सी दीवार
के जंगले पर बिजली के तारों का नंगा गुच्‍छा है. एक
आवारा कौआ है चीखता. एक मां अपने बच्‍चे को पेशाब कराती.
वही दृश्‍य हैं जिनके बीच बडी हुई है औरत मगर आज
नये और अनोखे और कितने नशीले लगते हैं.

धूप छूती है औरत के कानों को वह साडी खींचकर
ऊपर कर लेती है. आदमी का कहा सब क्‍यों इतना
सुहाना लगता है. मामा से झगडे की उसकी सफाई. इंटर में फेल
होने के बाद पढाई छोडने का किस्‍सा. और यह कि सब दोस्‍त
उसके शराबी नहीं और वह मां की बहुत इज्‍ज़त करता है और
दुनिया की हर चीज़ से ज्‍यादा उसे बथुये का साग पसंद है.

हंसता आदमी अचानक कहानी अध-बीच छोडकर
निकालता है बंडल अदा से
सुलगाता है बीडी. गोदी के चमकीले बटुये पर
हाथ धरे सोचती है औरत कुछ दिन निकल जायें फिर वह
इस बीडी की आदत पर लौटेगी.

बस आने में अभी देर है.
औरत को जाना है बस की मंजिल से
और आगे. संकोच में सुबह से मुंह में अन्‍न
गया नहीं मगर थकी नहीं है
औरत धीरे-धीरे हो रही है औरत.

5 comments:

  1. एक नारी के मन की भाव्नाओं को सही रूप में उतारा है आप्ने..जब जीवन में एक आदमी , एक साथी का आगमन होता है तो सब नया सा अच्छा लगता है.. यह हर वर्ग की स्त्री पर लागू होत है.. उसकी कही हर बात नई और सत्य प्रतीत होती है,.. और बहुत विश्वास से नया जीवन शुरु करती है औरत..

    ReplyDelete
  2. कुछ पंक्तियां बहुत अच्छी लगीं। "रंगीन चूडियों के गजमज वाले हाथ गोद में डाले सिमटी बैठी औरत"
    "धूप छूती है औरत के कानों को वह साडी खींचकर
    ऊपर कर लेती है." "मिठाई दूकान का बोर्ड
    अपनी किस्‍मत की ही तरह कुछ तिरछा होकर
    लटक गया है." "एक गिरती-सी दीवार
    के जंगले पर बिजली के तारों का नंगा गुच्‍छा है. एक आवारा कौआ है चीखता."

    देहात की औरत का सुंदर चित्रण।

    ReplyDelete
  3. बहुत सुंदर, तस्वीरें भी़!

    ReplyDelete
  4. kya comment du.
    bas simply good

    ReplyDelete
  5. कितना सुन्दर चित्रण!
    वाह!

    ReplyDelete