Friday, June 1, 2007

पुरबिया फुटानीबाज का मौज़ गीत



रोज़ की मौज़ निकले उड़ लिए
हिलिग लिए कहीं थूक दिए, हंस लिए
हाय, क्‍या शान की ढिमिलयाए रहे

चढ़ गए पहाड़ पूज लिया माता
ठेल दिए कहानी बक लिए बानी
रतजग्‍गा किए गिन-गिन के छक्‍का किए
तमंचा खोंसे रहे तान लिए रमपुरिया
हांड़ लिए टाऊन फांद गए देवार
फटफटिया उड़ाए रहे फूलगेंदा सजाए रहे

फुलमुनिया को सेट किए ललमुनिया लूट लिए
पीट लिए लतखोरी की थूर के हरिया दिए
थाना जीत लिए कचहरी कबार लिए
बमके बाबूजी तो महटियाए रहे
लड़ि‍याये रहे

हाय, क्‍या शान की ढिमिलयाए रहे.

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