Tuesday, August 7, 2007

फ्रेंडशिप डे की लाइव पतनशील कवरेज़..

सुबह से सात लोगों की बधाई पाकर पहले तो तपासे को आशंका हुई, फिर सचमुच डर लगने लगा. कहीं पीठ पीछे उसे फंसाने की चाल तो नहीं चली जा रही? उसे ढाल बनाकर भाई लोग नया गंदा खेल तो नहीं खेल रहे? ऑफ़ि‍स पहुंचने पर उसे पता चला कि वह ख़ामख़्वाह डर रहा था, जबकि बाकी लोग मज़े का फ्रेंडशिप डे खेल रहे थे. शुक्‍ला सामने पड़नेवाले हर आदमी का हाथ अपने हाथों में लेकर ‘हैप्‍पी फ्रेंडशिप डे!’ विश कर रहे थे. सामने पड़नेवाली औरत हुई तो हाथों में हाथ के साथ कंधा भी ले ले रहे थे.

रोज़-रोज़वाली इसको कुहनी, उसको लंगी की जगह सहोदरता का अच्‍छा, सुहाना समां बंधा हुआ था. मिसेज़ पाटिल हाथ में फूल लिए डोल-डोल कर त्रिखा से बातें कर रही थीं. त्रिखा बिना डोले सीधे खड़े-खड़े कर रहा था. मिस मोइत्रा उन्‍हें रश्‍क की नज़रों देखतीं उदास हो रही थीं कि गोयल के उन्‍हें बिना बताये अचानक करनाल चले जाने से किसी के साथ खड़ी होकर मित्रता की मिसाल क़ायम करने के मौक़े से वह कैसे वंचित हो गई थीं. उन्‍हें गोयल पर गुस्‍सा आ रहा था जो उनके लंच बॉक्‍स की सब्‍जी चखना नहीं भूलता (और भूल जाता भी तो वह खुद उसे चखाना नहीं भूलतीं), मगर आज ऐसे ख़ास दिन उन्‍हें एसएमएस करने की बात भूल गया था! कमीना गोयल! दुश्‍टो! दुश्‍टो मालोबिकाओ!.. ‘हैप्‍पी फ्रेंडशिप डे’ के रोनू वाले एसएमएस को ही फॉरवर्ड कर दिया.. रोनू के नाम को तो डिलिट कर देती बेशरम? बोड़ो दुश्‍टो!

रोनू डिप्रैस हो रहा था. उसने चालीस एसएमएस किये जबकि उसे सिर्फ़ बारह एसएमएस आए! पिपल आर मीन, दे आर नॉट ट्रू टू इवन देयर फ्रेंडशिप! सुबह से बीयर पीता रोनू यही ऊटपटांग सोच रहा था जब सड़क पर उसकी वैगन आर एक स्‍कूटी को ले गिरी. स्‍कूटी पर पीछे बाप को बिठाये तान्‍या के हाथ में हालांकि फ्रेंडशिक बैंड्स थे मगर फ्रेंडलेस रोनू पर तरस खाने की जगह, शायद बाप की संगत के असर में दुस्‍साहसी होकर, लड़की उस पर चढ़ बैठी. पहले से ही उखड़ा रोनू भी बिफर गया और दोनों ही बिखरे हुए दल सदल-बल नज़दीक के चौकी पहुंचे. चौकी के सभी सिपाहियों को ‘हैप्‍पी फ्रेंडशिप डे!’ कह-कहकर हाथ मिलाते रहने के बावजूद रुंआसे रोनू का केस कमज़ोर नहीं हुआ. अलबत्‍ता चौकी में उल्‍टी कर देने और इस तरह यह ज़ाहिर कर देने पर कि वह नशे के असर में ड्राइविंग कर रहा था, रोनू को एक्‍स्‍ट्रा फ़ाइन से भी नवाजा गया. इस दौरान रोनू ने मालोबिका, चैताली, बोंटू, तापोस जैसे करीबी दोस्‍तों को लगातार फ़ोन करते हुए अपनी दुर्दशा की ख़बर पहुंचानी चाही, मगर लगातार ये करीबी दोस्‍त एंगेज़्ड फ़ोन के साथ अनअवेलेबल भी बने रहे.

तान्‍या अपने पिता से पकी हुई थी. पिता ने फ्रेंडशिप डे के लिए जेब से दो सौ बाहर करने के बाद हाथ खड़े कर दिये थे. जबकि विद्या और गीतिका दोनों कल से कार्ड लेकर शॉपिंग कर रही थीं. गीतिका ने तो सात सौ का सिर्फ़ बैंड्स खरीदा था. कार्ड्स की शॉपिंग सेपरेट. लेकिन गीतिका ने सुबह फ़ोन किया तो वह भी खुश साउंड नहीं कर रही थी. जुडिथ को फ्लर्ट बोल रही थी. इसलिए कि जुडिथ ने हाथ में, गले में, और कहां-कहां नहीं, सब जगह बैंड्स पहन रखा था! शी वॉज़ जस्‍ट ट्राइंग टू शो ऑफ़ टू द बॉयेज़! शी इज़ रीयली सम बिच! हां, अपने क्‍लोज़ेस्‍ट फ्रेंड के लिए यही कहा था गीतिका ने.

लेडीज़ रुम में मिसेज़ जांगले हेयर ठीक कर रही थीं जब पीछे से अचानक प्रकट होकर व अपने बालदार काले हाथों में दबोचते हुए- सोमसुंदरम ने उन्‍हें चूमने की कोशिश की. जवाब में भावुक होकर सहयोग प्रदान करने की जगह मिसेज़ जांगले नाराज़ हो गईं, और नाराज़गी के जोर में ही उन्‍होंने सोमसुंदरम को धक्‍का दिया. परिणामस्‍वरूप मुसकराते हुए थुलथुल देह के भले व काले आदमी सोमसुंदरम मुसकराते-मुसकराते ही कमोड से जा भिड़े, और भिड़ने के बाद वहीं गिरे व पड़े रहे.

तेज़ी से लेडीज़ रुम से बाहर निकलतीं मिसेज़ जांगले ने उनके बुदबुदाकर कहे ‘हैप्‍पी फ्रेंडशिप डे’ का अगर जवाब दिया भी हो तो सोमसुंदरम को वह सुनाई नहीं पड़ा.

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4 comments:

  1. फ़ोटो बहुत अच्छी है जी नीचे वाली,दोस्ती का दिन मुबारक,दोस्ती की शुभ कामनाये .लोजी हमने दोस्ती का काम पूरा किया ,अब निसंकोच सारे साल आपको गालिया बक सकते है,अगले फ़्रेंडशिप डे तक..:)

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  2. उम्मीद करता हूँ दिन खत्म होने तक सोमसुन्दरम उठकर निकल आये होंगे. बढ़िया लिखे हैं.

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  3. दोस्ती दिवस का कोई इतिहास भी है? लगता है पिछले १० सालो में ये कुछ ज़्यादा पनपा है,इसको फ़ैलाने में बाज़ार ने अच्छी भूमिका निभाई है,चाहे आप नये किस्म का राखी बांधें या प्यार के नाम पर किसी को भी कार्ड भेजें,मुनाफ़ा तो,कार्ड बनाने वाली कम्पनियों को ही होगा,तो चलो गलबहियां डाल के बोलें दोस्ती ज़िन्दाबाद, चलो ये कहने से अपनी दोस्ती और प्रगाढ हो गई ना, अरे हो गई ना? अच्छा कार्ड भेजें तो दोस्ती करियेगा?

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  4. बहुत खूब! क्या लिखते हैं आप भी। ये फ़्रेंडशिप डे और तमाम तरह के डे हमारा बाजा बजा रहे हैं हम बजवा रहे हैं।:)

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