Saturday, September 22, 2007

शनिचरी शैतानियां..

सोचने बैठा हूं तो सोचकर तबीयत हरी हो रही है.. (सुना है कि नहीं?.. तबीयत इन दिनों बेग़ाना-ऐ-दिल होती जाती है.. कहां से सुनेंगे, मेरी संगत में रहते तो ऐसी गूढ़-गंभीर चीज़ें समझते!).. एनीवे, मामला ये है कि सुबह से फ़ोन की घंटी बजी नहीं है.. न ही पड़ोस की किसी सुकुमार संवरिया ने सीटी बजाकर हमें याद किया है.. तो हम टिल्‍ल-बिल्‍ल करके कलाकारी कर रहे हैं.. मतलब विशुद्ध टाइम-पास कर रहे हैं.. बीच-बीच में काली कॉफ़ी की फ़रमाइश करके अपने मेज़बान से खुद को बाहर फिंकवाये जाने का माहौल तैयार कर रहे हैं.. यह सारा नाटक किसी मंजिल तक पहुंचे उसके पहले हमने अपने कलाकर्म को किसी मुकाम तक तो पहुंचा ही दिया है.. कितने गड्ढे में यह तो आपकी कल्‍पनाशीलता तय करेगी.. बाकी मेरे कलाकर्म की ऊंची, अनोखी उड़ान तो है ही..

मेरी पहुंची हुई कला का सही लुत्‍फ़ उठाने के लिए ऊपर के स्‍केच को चटकायें.. और ‘नया ब्‍लॉग ब्‍लड’ के इस अनोखे, अद्भुत अंक के महारथी ब्‍लॉगरों की पहचान करके कंविंस करें कि आपकी कला की कोई समझ है भी.. अदरवाइस सिंपली चटकीला, रसीला आनन्‍द लें..

7 comments:

  1. आप भी ना!!आपके इस परिचय से परिचय नहीं था.देख के बस यही निकला मुँह से वाह वाह!!जारी रहे.

    ReplyDelete
  2. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  3. वाह, यह नया अज़दकावतार तो राजेन्द्र धोड़पकर को बेरोजगार करता प्रतीत होता है!
    बहुत मस्त! :)
    चलें मैच करने को कोई किराये का कार्टूनिस्ट पकड़ें.

    ReplyDelete
  4. बहुत खूब, नये अजदक कार्टूनिस्ट जी. यह भी खूब हुनर है आपका. आप तो सच में मल्टी हुनरमंद निकल रहे हैं. बधाई.

    ReplyDelete
  5. वाह वाह ,मज़ा आ गया ,बहुत ही उम्दा लिखा है आपने ,इस छोटी सी कड़ी में काफी बड़ी बात कह गए ..अच्छा लगा आपको पढना ..जारी रखें ,जल्दी ही आपके ब्लोग पे फिर आना होगा ...और हां आप का हमारे ब्लोग पर भी स्वागत है .

    http://rajy.blogspot.com/

    ReplyDelete
  6. अपना कार्टून भी बनाइयेगा कि नही.. हम आपको भी देखना चाहते है.. अब क्या क्या करियेगा सारा रहस्य एके दिन में खोल देंगे क्या ...लगता है दिल्ली में यही सब चेहरे आप सपने में भी आते हैं क्या?

    ReplyDelete
  7. आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा.
    ऎसेही लिखेते रहिये.
    क्यों न आप अपना ब्लोग ब्लोगअड्डा में शामिल कर के अपने विचार ऒंर लोगों तक पहुंचाते.
    जो हमे अच्छा लगे.
    वो सबको पता चले.
    ऎसा छोटासा प्रयास है.
    हमारे इस प्रयास में.
    आप भी शामिल हो जाइयॆ.
    एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.

    ReplyDelete