Wednesday, November 14, 2007

नोंदिग्राम, नोंदिग्राम..



आमार नाम, तोमार नाम
नोंदिग्राम, नोंदिग्राम

बाइने देखो, दाइने देखो
बोम-गोलार माइने देखो

जारा बुझछे ना तारा बुझबे ना
बोझार किछु बेचे आछे ना
सिंदुरी रोक्‍ते तिक्‍त कांदार मोद्दे
ओरा लेखिये दियेछे
ओर दू कोड़ि‍र राजनीतिर दाम

बिचारेर भ्रांति, हताहत शांति
नांगादेर नांगा नाच
लागाओ लागाम!
नोंदिग्राम, नोंदिग्राम!!

2 comments:

  1. Aavinash ki tarj per hi aapne likhi hai, puri to samajh nahi aayi lekin jitni samajh aayi usse aakrosh samajh aata hai.

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  2. রাজা কে উলংগো দেখেছী .

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