Monday, November 26, 2007

अदर कलर्स ऑव ए लेखक्स लेखकीय लाईफ़..

“बर्फ़”, “इस्‍तानबुल”, “मेरा नाम लाल है” और “काली किताब” के लिखवैया जनाब ओरहान पामुक की नयी किताब का अंग्रेजी अनुवाद बाज़ार में आ गया है. किताब का नाम है- “अन्‍य रंग: निबंध और एक कहानी”. जैसाकि तहलका के ताज़ा अंक में किताब की समीक्षा करते हुए संपुर्ण चटर्जी ने लिखा है.. पामुक की आखिरी किताब “इस्‍तानबुल” जहां इस वाक्‍य पर खत्‍म होती है कि “मैं एक कलाकार नहीं होना चाहता.. मैं एक लेखक बनूंगा.” अन्‍य रंग शुरू ही इस वाक्‍य से होती है कि “मैं तीस वर्षों से लिख रहा हूं.” तो किताब इन गुजरे तीस वर्षों की दुनिया की जिज्ञासा, उल्‍लास, जिजीविषा, और लिखाई के विविध रंगों के बहुरुपी, बहुविध कोने-अंतरों की झलकियां हैं. किताब के दूसरे हिस्‍से “बुक्‍स एंड रीडिंग” वाले खंड में पामुक लिखते हैं- “उपन्‍यास उतनी ही कीमती हैं जितना कि वह जीवन के आकार और प्रकृति के संबंध में सवाल उठाती हैं.

अन्‍य रंग के प्रेस किट से:

From Orhan Pamuk, winner of the 2006 Nobel Prize in Literature, comes a personal selection of his best work from the past twenty-five years. ‘I have come to see the work of literature less as narrating the world than “seeing the world with words”. From the moment he begins to use words like colours in a painting, a writer can begin to see how wondrous and surprising the world is, and he breaks the bones of language to find his own voice. For this he needs paper, a pen, and the optimism of a child looking at the world for the first time.’

Other Colours ranges from lyrical autobiography to essays on literature and culture, from humour to political analysis, from delicate evocations of Pamuk’s friendship with his daughter to provocative discussions of Eastern and Western art. It ends with his Nobel Lecture, ‘My Father’s Suitcase’, a brilliant and moving illumination of what it means to be a writer.

किताब फेबर एंड फेबर ने छापी है, कीमत है चार सौ पंचानबे रुपये. लहे तो उठा लीजिए.

2 comments:

  1. उन से कहिये जरा धीरे धीरे लिखें.. अभी पहलेवाली खतम हुई नहीं.. और नई लिख के हाज़िर..

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  2. dhanyavad. mauka milte hi jaroor karenge aur apko uske bare mein likhenge bhi.
    vipin

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