Friday, November 23, 2007

विमल ठुमर लाल को बधाई!

बहुत वर्ष गुज़रे.
प्रिसाइसली कहें तो ठीक-ठीक पैंतालिस वर्ष.
जैसाकि बाबू गजराज राव ने थोड़ी देर पहले सूचित किया, “सन् बासठ में आज ही के दिन विमलजी इस भूलोक में अवतरित हुए थे”..
सब मेरी तरह भाग्‍यवान नहीं होते कि देह और दिमाग़ दोनों भरपूर रूप से जवान बना रहे, तो विमल लाल के साथ भी यह तो हुआ ही है कि देह ज़रा फैल-फुला गई है, मगर मन अबहीं तलक अच्‍छे आलूदम की तरह रसेदार बना हुआ है.
हंसी भी नहीं गई है, जैसाकि तस्‍वीर में दिख ही रही है, तो यह बड़ी उप‍लब्धि है..
आप बधाई-टधाई जो देना हो, दे लें..
इसके पहले कि रात जवानी और बुढ़ापे से गुजरकर कहीं की कहीं और निकल जाये!

10 comments:

  1. बाप रे... बिमल जी इतने बूढ़े हैं। अगली मुलाक़ात में उनके पांव छूएंगे। हमारी किस्‍मत ही ऐसी है - बूढ़ों की संगत ही मिलती है साहब।

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  2. विमलजी हार्दिक बधाई ।

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  3. बधाई बधाई ! कोई गाना वाना हो जाये ।

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  4. विमलजी को बधाई। आपका भी जवान,जहान, देह-दिमाग से, बने रहने का भ्रम बना रहे। :)

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  5. haan meree bhee badhaaee sweekaren vimalbhai.

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  6. विमल भाई विमल भाई.. हैपीबर्थडे विमल भाई..लड्डू जलेबी रसमलाई..हैपीबर्थडे विमल भाई..

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  7. भई विमल जी बर्थडे मुबारक हो जी ।
    कोई ठुमरी उमरी तो छेडि़ये ।

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  8. भाई लोग हमारी तरफ़ से आभार है आप सबका.. मै तो किसी को बताना नही चाहता था,पर प्रमोद जी ने जग जाहिर कर दिया है. चलिये आप सबको पता चल ही गया, आप सब के बधाई संदेश को देख कर मैं अंदर युवा उमंग महसूस कर रहा हूं ,नई ऊर्जा भरने के लिये तो आप सभी का एक बार फिर शुक्रिया.प्रमोद आपका भी आभार कि आपने एक रहस्य से पर्दा हटा दिया है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा, शुक्रिया

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  9. विमल भाई!
    जन्मदिन की बधाई स्वीकारें .

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  10. मेरी तरफ से भी बधाई!आप यूं ही गुनगुनाते रहें और आप के दुश्मन भुनभुनाते रहें.वैसे पता करना हाेगा कि आपका दुश्मन कोई है भी क्या?

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