Saturday, December 22, 2007

शूटिंग के दौरान एक फ़ि‍ल्‍मकार का आत्‍ममंथन..

जब नहीं थी जीवन में कितना अंधेरा था. टिना या संयुक्‍ता नहीं, शूटिंग, मैन (टिना या संयुक्‍ता अब भी कहां हैं?).. दस बजे तक सामनेवाले कमरे में दोनों लौंडे आकर बैठ जाते (पहला तो असित मगर इस दूसरे का क्‍या नाम था? पहली बार मिलने आया था, कहा था.. आपसे बहुत कुछ सीखना चाहता हूं, सर! आजकल किस फ़ि‍ल्‍म पर काम कर रहे हैं? ‘तेरे मेरे’? हां, हां, ‘मुंबई मिरर’ में मैंने रिपोर्ट पढ़ी थी.. वो नहीं बना रहे? दूसरी स्क्रिप्‍ट पर काम कर रहे हैं? ओ, हाऊ लकी ऑफ मी.. आपके साथ स्क्रिप्‍ट भी सीखने को मिलेगा! क्‍या सॉफ्टवेयर यूज़ करते हैं, सर? मेरे पास फाईनल ड्राफ्ट का एक पाईरेटेड वर्ज़न है, आई कैन गेट इट फॉर यू, सर!). निकर पहने, लबर-झबर डोलता मैं जांघ और सिर खुजाता सुबह ओरियेंट करने की कोशिश करता. ओह, व्‍हॉट ए हेडेक.. कल रात क्‍यों इतनी पी ली थी! चेतन की फ़ि‍ल्‍म भी शुरू हो गई. सिर्फ़ मेरी नहीं शुरू हो रही. बट इट विल! अनिल ने प्रॉमिस किया है! दैट कपूर चैप वॉज़ ऑल्‍सो सेइंग साथ में एक फ़ि‍ल्‍म करते हैं.. करेंगे, करेंगे, जल्‍दी करेंगे.. बट व्हिच वन? इतनी सारी कहानियां हैं खुदी को याद नहीं रहता कि किस वाली कहानी की बात हो रही है! एम आई गेटिंग ओल्‍ड ऑर व्‍हाट? लेकिन कपूर के साथ कौन हिरोईन काम करेगी? मेरे साथ ही कौन करेगी? ओह, व्‍हाट ए लोनली लाईफ माईन हैज़ बिकम.. फॉरगेट अबाऊट पिंचिंग एंड ऑल, नोबडी इवन फ्लर्ट्स! द लाईफ इज़ रियली हेल व्‍हेन यू आर नॉट शूटिंग, वेल, व्‍हेन आई एम नॉट शूटिंग!

शूटिंग शुरू होते ही सब कितना ड्रास्टिकली बदल गया है. नो मोर स्‍क्रैचिंग ऑफ थाइस. पिपल हैव बिकम सो नाइस. (वेल, दे हैव टू. अदरवाइस एक-एक की बांस कर दूंगा..) पार्टिकुलरली गर्ल्‍स. दे डोंट माइंड माई टेलिंग देम डर्टी जोक्‍स. दे एंड अप इवन गिगलिंग! इन दिनों नींद भी ठीक से आ रही है. सर्कुलेशन इज़ प्रिटी फ़ाईन. सुबह उठने के बाद सोचने का लफड़ा भी नहीं रहता कि आज क्‍या करें.. बट व्‍हाट इज़ बिकमिंग ऑफ द फ़ि‍ल्‍म? इज़ इट गोइंग एनीव्‍हेयर? कल झाड़ी के पास कटिंग पीते हुए (हू वॉज़ दैट बास्‍टर्ड?) कौन कह रहा था कहानी एकदम डिब्‍बा है? आई जस्‍ट कंट्रोल्‍ड माईसेल्‍फ.. अदरवाइज़ आई कुड हैव किल्‍ड दैट मदर.. लेकिन, ओनेस्‍टली, फ़ि‍ल्‍म कहीं जा रही है? कहानी में थोड़े-बहुत लोचे तो हैं.. कहानी जैसी कहानी साली है कहां?.. सात करोड़ उड़ा देने के बाद ये सवाल अब सोच रहा हूं? फ़ि‍ल्‍म फ्लोर पे लाने के पहले नहीं सोच सकता था? कैसे सोचता? इतना सोचता बैठा होता तो फ़ि‍ल्‍म फ्लोर पर आती नहीं दैट्स ए फैक्‍ट. लास्‍ट फ़ि‍ल्‍म में भी कहां सोचा था मगर फ़ि‍ल्‍म चली कि नहीं? मुंबई मिरर ने थ्री एंड हाफ स्‍टार दिया! अब्‍बास सेड इट वॉज़ माई बेस्‍ट टिल डेट. नेहा जोसेफ़ मेंशन्‍ड इट वॉज़ बिगनिंग ऑफ ए न्‍यू एरा इन इंडियन फिल्‍ममेकिंग!


ओह, इट्स ऑल राइट. कहानी के बारे में इतना सोचकर मैं अब क्‍या उखाड़ूंगा. इफ अनिल सेंसेस कहानी में लोचा है ही विल स्‍टार्ट हिज़ टैन्‍ट्रम्‍स. फ़ि‍ल्‍म फिर खत्‍म ही नहीं होगी! कैन आई अफॉर्ड दैट? एंड आई एम नॉट एनीवे कंसिडर्ड कंवेशनल स्‍टोरी टेलर, आई शुड स्टिक टू दैट पर्सोना! अबे, फ़ि‍ल्‍म खत्‍म हो जाये किसी तरह.. आई एम ऑल्‍रेडी फ़ीलिंग सो टायर्ड एंड बर्न्‍टआऊट! बट हू इज़ दैट गर्ल?..

2 comments:

  1. बट हू इज़ दैट गर्ल?..
    *****************

    ओह शिट! हर जगह गर्लीय चिंतन!

    ReplyDelete
  2. हुम्म! मामला धांसू हो सकता है.

    ReplyDelete