Monday, December 31, 2007

बकअप सुकु का न्‍यू ईयर फकअप सेलिब्रेशन..

हमारे अंतरंग चिरकुट मित्र सुकु पहले अकेले थे, एक अदद दोपहिया और एक अदद चुप रहनेवाली बीवी थी, सब गंदा-गंदा था मगर मोरओलेस कंट्रोलेबल गंदा था.. फिर जाने कैसे तो बीवी के पैर भारी हो गए, पीछे-पीछे एक सैंट्रो कार आ गई (बैंक-लोन की सहायता से), और उसके पीछे दो जुड़वां बेटे आ गए (बिना बैंक-लोन की सहायता के).. उसके बाद से, घंटा, ज़िंदगी जो है एकदम बदल गई है. टेंशनवाले मसलों पर तो टेंशन होता ही है, जो टेंशनवाले नहीं हैं उनपर भी होता है. जैसे अभी हो रहा है. टेंशन. कुछेक घंटे बचे हैं मगर
अभीतक साफ़ नहीं हो पा रहा न्‍यू ईयर सेलिब्रेट करना कैसे है! सुबह से दायें-बायें सत्रह फ़ोन किये, इल्‍लम से पूछा क्‍या प्‍लैनिंग क्‍या है? टिल्‍लम से पूछा अबे, तूलोक क्‍या कर रहे हो? बारह लोगों के कचर-मचर के बीच एटीएम से माल बाहर कर लाये, दारु तो कर ही लाये. टीवी के केबल उखाड़ लिया, कि कहीं ऐसा न हो कि साली सारी शाम टीवी से चिपके-चिपके- शेखर सुमनों व साज़ि‍द खानों के दो कौड़ी के चुटकुलों में फंसे-फंसे निकल जाये!.. मगर फिर चट केबल जोड़ भी लिया कि, स्‍साला, ऐसा न हो कि कुछ और हाथ न आये और अपन टीवी से भी हाथ धुलवा बैठें?..

ओह, कैसा हदस-हदस वाली टेंशन है. बदहवासी में पहले मिनट-मिनट और फिर घंटे पर घंटे निकले जा रहे हैं! पिछले तीन घंटों में इकलौता एक अच्‍छा काम यही हुआ है कि एक दूसरा चिरकुट दोस्‍त दारु पीकर ठुमका लगानेवाले गानों की सीडी दे गया है! सीडी सही है, माने प्रॉपरली बज रही है, मगर ससुर, ठुमका लगायेंगे किसके साथ? नये साल की भड़ैंती भी अपनी ही बीवी को लपेटे करेंगे तो घंटा जश्‍न जैसा फिर जश्‍न कहां? फिर सोसायटी में किसकी बीवी को लपेटने की कोशिश करें? कहीं बात फैलकर कुछ का कुछ हो गयी, बच्‍चों के बीच खुल गई, नेबर साहब फौज़दारी पर उतर आये तो? मगर इससे पहले ठुमका लगाने के लिए प्रॉपर जगह चाहिए, वह कहां है? पार्किंग लॉट के पास झाड़ी है उसका क्रियेटिव ठुमकई इस्‍तेमाल कर लें या पानी की टंकी वाली छत का? यार, किधर जायें, किसके साथ जायें, इतने सवाल थे और सोच-सोचकर सुकु बाबू का दिमाग़ सड़ रहा था. ऊपर से साले (बिना बैंक-लोन की सहायता से) ये दिल जलाते बच्‍चे! सुबह से चैन से नहीं बैठ रहे थे, और न बैठने दे रहे थे. सुकु की इच्‍छा हुई एक लात लगाकर जुड़वों को बाहर भेज दें. भेज दिया भी. फिर लगा पता नहीं बाहर बच्‍चे क्‍या गड़बड़ी करें, या वो न करें, बाहर ही जाने उनके साथ क्‍या गड़बड़ी कर दे, तो लात लगाकर बच्‍चों को वापस फिर अंदर भी कर लिया.. मगर इस प्रश्‍न का अब भी समाधान हाथ नहीं लग रहा था कि नया साल सेलिब्रेट कैसे करें..

मुझसे जैसा हमेशा होता है रहा नहीं गया, सुकु से कहा- यार, इतना टेंशनियाओ नहीं, तीन सौ तिरसठ दिन निकल गए, एक दिन घंटा बचा है, यह भी निकल जाएगा. सुकु फैलके बोले, अबे, चुप करो.. और हाथ छोड़ने लगे (पैर तो पहले से छोड़ रहे ही थे)!..

ओह, सुकु.. व्‍हाई, सुकु? बट व्‍हाई नॉट, सुकु?..


बाकी भाइयो.. व बहनो एटसेट्रा.. सबको तहेदिल व ऊपर-ऊपर.. नये साल की बधाईयां एटसेट्रा..

(इलस्‍ट्रेशन: नितिन, फोटोशॉप भड़ैंती: प्रसिंह)

11 comments:

  1. बहुत बढ़िया. नववर्ष की आपको ढेरो शुभकामना

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  2. आपको नववर्ष की ढ़ेरों बधाइयाँ…।

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  3. पक्का बताइए एक जुड़वा या दो जुड़वा बेटे ?

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  4. प्रमोद जी, नव वर्ष मंगलमय हो…आप सुकू को ब्लागिंग सिखा न दीजिये,फ़िर काहे का टेंशन…लगे लिपटे रहेंगे इसी में

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  5. नए साल में आप और भी अधिक ऊर्जा और कल्पनाशीलता के साथ ब्लॉगलेखन में जुटें, शुभकामनाएँ.

    www.tooteehueebikhreehuee.blogspot.com
    ramrotiaaloo@gmail.com

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  6. बधाईयां एट्सेट्रा तो आपने दे ही दिया, शुक्रिया!! हम शुभकामनाएं भी दे लें आपको नए साल की!! नया साल पहले से बेहतर बदलाव लाए आपके जीवन में।

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  7. क्या.पंगा है जी, ये बिना बैंक की सहायता के क्य क्या हुआ है लिस्ट बताये...?

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  8. गया गुज़रा साल और गये गुज़रे हम। हम सब नाकाबिल लोगों को पार्टी के लिए साथी नहीं मिलता और साथ के लिए जगह नहीं मिलती। चलिए संकट खत्म हुआ। अगले साल की प्लानिंग बकायदा इवेंट मैनेजर को सौंप देंगे। तब तक कहीं से माल कमाने का पर्याप्त समय भी मिल जाएगा।

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  9. :) छह साल बाद देखे आपकी न्यू ईयर रिकार्डिंग! :)

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