Tuesday, January 1, 2008

गुरु, हां, ज़रा प्रिपेयर होके ही आना..

नये साल, प्‍यारे, हमी से मत पूछ, ज़रा अपनी भी बता. कपड़े नये लिए हैं या पुराने पर ही काम चला रहा है? खाने का क्‍या है? कुछ ऑर्गेनिक ऑर्गनाइज़ किया है? और हां, अभी पटरीवाली तरकारी खिलायेगा कि सबको गिन-गिनके रिलायंस फ्रेश का गाहक बनवायेगा? यार, अच्‍छा हो साफ़-साफ़ कह दे, कि हम पहले ही तीस रुपये वाली थाली की तैयारी कर लें. खामख्‍वाह क्‍या लड़ि‍यायें, पहले ही सर्द सांस भर लें, मन भारी औ’ छाती मजबूत कर लें? और प्‍यारे, काम-धंधे का पंचांग क्‍या कहता है? छुच्‍छे गाल बजायेंगे कि बैंक तक जाने का बहाना भी पायेंगे? कुछ कर, यार, जतन चला, जुगाड़ भिड़ा, सिटते-सेटियाते लोगों के बीच हमारा भी मंत्र पढ़वा! हां-हां और ना-ना कि ये भी और वो भी के आधे मन से मत आना, प्‍लीज़! सीधे-सीधे कह रहा हूं, आना फिर ज़रा समझदारी से ही आना. हंसना तो ठीक से हंसते हुए आना, रोना तो भगवान के लिए मेरी पूर्व-प्रेमिका के घर जाना. हां. और क्‍या? ग़लत नहीं कह रहा हूं, हर बात की सीमा होती है. और मैं पहले ही पका हुआ हूं, हां. दूसरी बात, पुराने क्‍यों झेलेंगे, कब तक झेलेंगे? तो झोली में कुछ नयी दोस्तियां लाना. माल-मत्‍ते की तो क्‍या कहें (कितनी मर्तबा कहें?) जब इतनी अक़ल भी नहीं तब, घंटा, क्‍या तुमसे दिल लगाना? एजेंडा में अभी और कुछ छूटा तो नहीं रह गया? रह ही गया हो तो थोड़ी बुद्धि अपनी भी लगाना, फिल इन द गैप्‍स ठीक से फिलअप करना, तभी अंदर पैर धंसाना, वर्ना हां, फिर लात खाने को तैयार होके ही आना..

7 comments:

  1. बस ऐसे ही तरंग बनाये रखें - और साल भर दिन में तीन-चार पोस्ट ठेलते रहें, बिला नागा। समझ में आ जायेगी तो ठीक, वर्ना सिर की रूसी ही छुड़ायेंगे खुजलाकर।
    नया साल मुबारक।

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  2. मैं तो पुराने कपड़े पहनकर ही ऑफिस आ गया हूं। नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं।

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  3. अजी क्या प्रिपेयर होंगे, जैसे हैं वैसे ही हैं बस!

    नया साल आपको पहले से और भी बेहतर कुछ दे जाए! नए वर्ष की शुभकामनाएं

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  4. अद्भुत तरंग है साहेब अद्भुत। नए साल को क्या तेवर दिखा रहे हैं आप । कमबख्त की क्या मज़ाल की जैसा चाहते हैं , न चले । आपकी लात की धौंस से ही सीधे एक सदी पीछे पहुंच जाएगा।
    ठाठ जमाए रखिये प्रभु। सोचता हूं तरकश के लिए आपको नॉमिनेट कर दूं....

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  5. नया साल अभी १ जनवरी को शाम ६ बजे सांझ ढलने के बाद शुरु हुआ। आप कल २ जनवरी की सुबह नए साल के सूरज की पहली किरन देख पाऐंगे। नया साल मुबारक हो आप को सपरिवार, जिसमें भाभियों और भतीजे भतीजों के साथ सभी हिन्दी ब्लॉगर शामिल हैं।

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  6. प्रमोद आप ऐसे ही बने रहें शायद ये ही उपलब्धिहो इस साल की !!

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  7. क्यों सहमाते हैं जरा से बच्चे नए साल को ?
    नववर्ष की शुभकामनाओं सहित,
    घुघूती बासूती

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