Friday, March 14, 2008

किसी से बात करना संभव है?.. पाओलो से?..



इतालवी जैज़ के बड़के बाप पाओलो कोंते को इटली के बाहर भी काफी सुना जाता है.. फ्रांस में उनका खूब दौरा होता है.. लेकिन मुश्किल है इतना सुने जानेवाले पाओलो खुद किसी की नहीं सुनते.. खास तौर पर जब मैं बात कर रहा होऊं.. और हिंदी में कर रहा होऊं.. और हिंदी से ज़्यादा गाते हुए कर रहा होऊं.. आप चुप नहीं करा सकते? कम से कम पाओलो को तो चुप करा ही सकते हैं?..

यानी आप अच्‍छे दोस्‍त नहीं? मेरा मज़ाक बनता देख आपको अच्‍छा लग रहा है?.. व्‍हॉट अ बैड टाइम वी आर लिविंग इन.. आई मीन एट लिस्‍ट आयम लिविंग इन..

4 comments:

  1. जहाँ भी होंगे ये जनाब, आपकी आवाज जरूर पहूँच गयी होगी. :)

    ReplyDelete
  2. अदभुत्त, आप का नया रूप, मैं तो आप को बहुत ही मित्तभाषी व्यक्ति के रूप में जानती हूँ, ये तो एकदम अलग रूप है, किसी दिन सामने बैठ कर आप का गाना सुनेगें गर आप सुनाएगे तो…:)

    ReplyDelete
  3. अद्भुत तो अब इस दुनिया में क्‍या बचा है, अनीताकुमार जी, मगर घबराइए नहीं.. सिर्फ़ गाना ही सुनाने का क्‍या हम तो हाथ देखना भी जानते हैं!..

    ReplyDelete
  4. maza aa gaya. Cha gaye hain Pramod bhai podcast ki duina mein. podcast mein aapka gaaya piece bhi khaasa interesting aur surila hai. mubarak ho podgiri.

    ReplyDelete