Monday, March 3, 2008

फिलिम देखिएगा?..

कि सुनियेगा.. सुनिये न?



महेसी जी का है.. भट-भट वाला.. बिना भटभटाये कवनो काम कहां चलता है.. सगरे मवादो है, बिसादो है.. अऊर भइयाजी तो हइये हैं.. मन भर देखिए अब, चाहे सुनिये..

14 comments:

  1. अज़दक जी, फिलम तो ठीकय है । पर कहीं कहीं आप गाना जादा तेज कर दिए हैं । ऐसा क्‍यों है भाई, बाकी फिलम चकाचकए है । अच्‍छा बोले हैं आप । बोलते रहिए, हम सुन रहे हैं ।

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  2. शानदार!

    धन्य है बिसंभर...कम्प्लेक्सीसिटी देख लिए. आ ई एंटी हीरो सब महेश जी को ही मिलता है लोग. मवाद, बिसाद, गंध में से जब आडियेन्स रस पाएगी तो महेश जी का करेंगे जी...?

    अच्छा ई बताईये, बिसंभर जी सीडीया सब लाये की नहीं? कहने का मतलब नौका चप्पल पहिन के एक्टिभेट हुए कि नहीं?

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  3. महेसी जी का है.. भट-भट वाला..

    औउर साथे

    प्रमोद जी का है..अज दक वाला....


    --बढ़िया रहा महाराज!!

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  4. oh...badi mushkil...saara dhyaan gaaney ne kheench liya..kis picture kaa hai? kripyaa bataayen...agli baar background music aurrrrrrrr bhi kam rakhiyega pls.

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  5. @पारुल, '66 में एक चिरगिल्‍ली फिल्‍म आई थी 'मोहब्‍बत ज़िंदगी है'.. गाना उसी फिल्‍म का है.. बैकग्राउंड में उसके चीखने की मात्रा कम रहे, इसका आगे ध्‍यान रखेंगे.

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  6. @पारुल अगेन,

    चिरगिल्‍ले गाने का रस-बिहारी लिंक ये रहा..

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  7. bahut shukriyaa PRAMOD JI...

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  8. बड़ी चिरगिल्ली फ़िल्म थी..ऐसी चिरगिल्ली फ़िल्म अपने हॉल में लगाए रखिये..दू लोगों से काम चला लिये,अगली बार हीरो हिरोईन का संवाद ज़रूर रखियेगा

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  9. निमन है. रंग रंग का आवाज निकालिये. सुनने के लिये तो कान खड़ा हइये है.

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  10. क्या खूब स्टोरी टैलर है, वाकई में आपका आवाज सुनकर मन प्रसन्न हुआ, अईसन ही भट-भटाने का...

    लगे रहिये बाकी हम श्रोताओं पर छोड़ दीजिये

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  11. उस चिरगिल्ली सी फिल्ल्म का अद्बुत प्रभावी गाना है ये। हमें प्रियतम है। बाकी लाऊड वाली बात पर ध्यान दीजिएगा। गजब ढा रहे हैं आप। बिसंभर से मुखातिब जो शख्स था , बहुत प्यारा है।

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  12. सुन लिये। अद्बुभुत फिलिम है। मजा आया।

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  13. प्रमोद जी,
    इसको तो आज सुबह से कई बार सुन चुके हैं, जितनी बार सुनो उतना और अच्छा लगता है । इसके अलावा गोभी पुलाव भी इस हफ़्ते कम से कम दस बार सुन चुका हूँ ।

    इसके अलावा एक और पाडकास्ट पहले सुना था, अब खोज नहीं पा रहा हूँ (उसमें भी विशम्भर ही थे) "मुझे जा न कहो मेरी जां" । अगर उसका लिंक दे पायें तो आपका आभारी रहूँगा ।

    धन्यवाद !!!

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  14. बंधु नीरज,

    आपको कुछ आनंद आया, उसका धन्‍यवाद.
    कुछ मसाला वैसे 'पतनशील पॉडकास्‍ट' के टैग में भी चेंपा हुआ है.. वैसे 'मेरी जां' के जिस बिशम्‍भर गायन पोस्‍ट की आप बात कर रहे हैं, उसे हटा लिया था. हमें आनंद आया था, मगर किसी को ठेस लगी थी, सो हटा लेना ही उचित लगा.

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