Friday, April 11, 2008

विज़नरी पप्‍पूजी का दिखाया रास्‍ता..

पप्‍पूजी, ज़रा कष्‍ट करें, देखिये, लगता है बात फिर उलझ गयी है, कृपया उसे साफ़ व स्‍पष्‍ट करें. आख़ि‍र यह हो क्‍या रहा है? हम चल रहे हैं, चल रहे हैं लेकिन कहीं पहुंच रहे हैं, कि बस यूं ही घलुआ में टहल रहे हैं? वैसे टहलना बुरी बात नहीं, थ्‍यूरोपैटिक होता है से ज़्यादा अन्‍य वजहें हैं जिनके पीछे वेर्नर हर्जोग और ब्रूस चैटविन बड़के टहलवैया थे, मगर पप्‍पूजी यह भी जान लीजिए कि हम न वेर्नर की तरह पगलेट हैं, न चैटविन की तरह हमारा इत्‍ती जल्‍दी अल्‍ला मियां से डेट है. तो बउआ, प्रताप न पाने का संताप भले हो मगर टहलते-टहलते हम टीले से डुलडुलाते फिसलना नहीं चाहते. अभी टू डू वाले लिस्‍ट में बहुत सारी बातें हैं, पप्‍पूजी, कितनी झमझमाती बरसातें, कड़कड़ाती सर्द रातें हैं. बैंगन के, ओहो, बजके, आंबड़े का अचार, बुंदिया में लपेटकर पूड़ीवाली बेहया बरातें हैं. कहां से कहां के रेल सफ़र और ज़ीनत बेगम की छुटकी बहिनी से भेदभरी मुलाक़ातें हैं?

समझ रहा हूं हम बहक रहे हैं लेकिन उसी की हुड़क में तो आपको टोका किया, पप्‍पूजी? बसवाले भाई साब ख़ामख़्वाह हमारी नासमझी पर नाराज़ हो रहे थे. इतनी ज़रा सी चौपाल ठीक से समझ नहीं आती हम कहां से नेपाल का हाल सल्टियाते? रास्‍ता काटने को भले थोड़ी देर और बकबक करते, लेकिन दूध का दूध और पानी का पानी कर लें, ऐसा क्‍या खाक़ समझ लेते, बतियाते? पता नहीं लोग इतना अधीर क्‍यों रहते हैं, पप्‍पूजी, ज़रा मन बहल जाये की हंसी की कोई बात कह लो, उस पर जाने इतनी लंबी तक़रीर क्‍यों करते हैं?

मगर यह हम किधर जा रहे हैं, पप्‍पूजी? कि आ रहे हैं? हद है अभी कितना पहले की बात है, सोचते थे झोले में चार कपड़े लेंगे अरुणाचल घूम आयेंगे, देखिये, क्‍या मालूम था कि घग्‍घा और तीन कटोरा की कच्‍ची सड़क और सूखी गड़ही के पास ही गोड़ हिलाते पाये जायेंगे? बाबू, माना हम क्रेडिट कार्ड पुरोधा, बड़के मणिरत्‍नी जोद्धा नहीं, मगर इस तरह हमारे सपनों का मज़ाक मत बनाइये, हुलु-हुलु करके हमको खाली छुच्‍छे गोले में फलतुव्‍वा मत घुमाइये! अरे, यह ज़नाना तो पहचानी लग रही है, पप्‍पूजी, एक आंख की कानी, जनरदना की नानी लग रही है? अरे, हम नाख़ून कटवा रहे हैं कि जी, कान में भर्र-भर्र कड़ुवा तेल गिरा रहे हैं?

बोलें? बोल दें, बुरा नहीं न मानियेगा? सच्‍चाई ई है, पाहुन, गरम दुपहरिया का ताप में आप टुट्टल पानदानी जइसा अपना फलतू देमाग़ चला रहे हैं!

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