Saturday, July 12, 2008

खुशी के इंतज़ार का गाना..

माली बड़ा देश नहीं, अलबत्‍ता वहां का संगीत बड़ा है. छोटे से उस अफ्रीकी देश में बड़े-बड़े संगीतक तोपची हैं. माली के संगीत से अपना थोड़ा-बहुत परिचय रहा है, मगर यह नहीं मालूम था कि वहां सिनेमा भी रसवर्षा करती रही है, और बहुत मिठास में डूबी, डुबा-डुबा कर करती रही है, अब्‍देरर्हमान सिस्‍सको उस छोटे सिनेमा के एक बड़े हस्‍ताक्षर हैं, हालांकि फ़ि‍ल्‍में उन्‍होंने संजय लीला भंसाली और अशुतोष गावरीकर की तरह बड़ी नहीं, निहायती छोटी बनायी हैं, मगर ओह, कैसी तो मीठी बनायी हैं. उन पर कभी सलीमा में तसल्‍ली और विस्‍तार से बात करेंगे, फ़ि‍लहाल यहां उनकी फ़ि‍ल्‍म 'वेटिंग फ़ॉर हैप्‍पीनेस' की एक छोटी-सी क्लिपिंग देखिए.

6 comments:

  1. अंग्रेजी सब टाईटल नहीं है. भाव तो समझ आ रहे हैं.

    ReplyDelete
  2. Pramod,
    jara is film ko haasil karne ka jugad bhi bataiye.
    Sanjay Joshi

    ReplyDelete
  3. नया टेम्पलेट ताबड़तोड़ खुल रहेला है । 'भूमिका' में स्मिता पाटिल की बाल भूमिका में ,'मूंदड़ बाजू ,बाजू रे' सिखाया जा रहा था। उसकी याद आ गई ।
    -अफ़लातून

    ReplyDelete
  4. देखा। भाषा समझ न आई लेकिन फ़िर भी समझ आती हुयी लगी।

    ReplyDelete
  5. खुशी के इंतज़ार का गाना..
    मधुर है.

    माली के कुछ एक लोग थे मेरे क्लास में दो तीन साल पहले, उनकी याद आई.

    ReplyDelete