Wednesday, August 6, 2008

पुरबिया फुटानीबाज का बरसाती इंटरनेट कनेक्‍शन शोकगीत



है. नहीं है. है है है,
बत्‍ती टिमटिमा रही है!
कनेक्‍टेड बता रही है!
फट देना ब्राउज़र खोलिये!
खुला? कहां खुल रहा है, जी!
यह बरसात खुल रहा है न
कोई जनाना पकौड़ी तल रहा है
आया है आया है, आ गया है!
कहंवा, कौन? जनाना?
नहीं, मरदे, कनेक्‍शन.
नहीं, कहां है? मगर ठहरिये,
फिर आया है. नहीं
महाराज, फिर गया है!
हद है ससुर नेटवर्क कनेक्‍शन
कनेक्‍शन देखा रहा है जबकि
ब्राउज़र फेलियर बता रहा है
मन कर रहा है ई पीसीया को
पटकके चार लात लगायें, या
रउटरवा को देवाली पे फोड़ दें
का बोलते हैं, महाराज,
नज़र घुमाइये, आरती चलाइये
आ गया है कनेक्‍शन!
सच्‍चो में? अभियो ले है?
कि गया? नहीं, फिर आया है.
है? है है है! नहीं,
रुकिये एक मिनट..


8 comments:

  1. अरे ई हाल है. मौसम बदल रहा है न. सर्दी जुकाम लगे रहता है.

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  2. ई हमारी दशा आपको कइसे पता चल गयी गुरुदेव? का गरमी, का बरसात, हियां इंटरनेट कनेक्‍सनवा का तो रोजे इहे हाल रहता है। कबो कबो त सांचो मन करता है कि पीसीआ के पटक के फोर दें। बाकी फिर सोचते हैं कि ब्‍लॉगिंगवा कइसे करेंगे।

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  3. पाँव लागी। आपके अउरी कनेकसनवो के।
    सही बीचार के सही सब्दों में पिरो देले बानी।

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  4. दिल की अउर 'कनेक्शन' की अच्छी गिरह खोले हैं उस्ताद !

    है? कि चला गया? कि है ?

    भाई जी यो स्त्री मुक्ति को जमानो सै . थे तो ठहरया बीका नेता-नागर . तो अब तो जनाना के --लुगाई के -- होतां-सोतां भी पकौड़ी 'मोट्यार' बणाया करै . कनेक्शन चल्यो जावै तो बी 'टैम' को सदुपयोग करो अर बेसन में पाणी मिलाओ अर आप'इ कढाई चढाओ अर आप'इ पकौड़ी बणाओ . बा खाबा नै आ ज्यासी .

    लाती मारने से का होगा ? रसोई में अंगद-सा पांव रोपिए . हाथ बेसन में ठेलिए . मुंह से पकौड़ी-पकौड़ी के तीनाक्षरी मंत्र का जाप करिए. मन हरा और पेट भरा होगा तो जगत-गति कम व्यापेगी .

    राम-राम सा !

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  5. हा हा!! क्या इन्टनेट कनेक्शन व्यथा कथा रही-गीत भी बहुत खूब सटाये हैं.

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  6. का बाबू-साहब!,
    अपने के पुरबिहे हईं का? राउर नाटक-चरित्तर सूनि-पऽढ़िके तऽ ईहे बुझाता। ईहे काथा एंहरो बा। बाह! मजा आ गइल।

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  7. आज सुन पाये फ़ुटानीबाज का गीत। सुन्दर। शानदार। बैकग्राउन्ड
    गीत बहुत अच्छा लग रहा था और सामने से आपकी आवाज सोने में
    सुहागा।

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  8. ये भी बढ़िया है... बहुत बढ़िया...
    जैसे इस स्थिति का सामना करते हर व्यक्ति के मन के भाव को बयान मिल गया हो.

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