Tuesday, December 2, 2008

दस सवाल..

दस सवाल ही नहीं हैं, सवाल अभी बहत्‍तर बाहर आयेंगे. जीवन की मारामारी में लोगों ने ज़रा धीरज और समझदारी दिखायी तो हो सकता है बोरा भर-भरकर सवाल बाहर आयें, और हमारी बजाय जवाब देनेवालों के पेट में मरोड़ उठना शुरू हो जाये, मगर ख़ैर, भावुक होने का वह समय फ़ि‍लहाल दूर है, फ़ि‍लहाल इन दस सवालों की ही गुत्‍थी समझ लें..

(हिन्‍दुस्‍तान टाईम्‍स के सौजन्‍य से)

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