Thursday, January 22, 2009

संयुक्‍त राष्‍ट्र आम सभा को एक विज्ञप्ति पर दस्‍तख़त..

यह महज इत्‍तेफाक़ नहीं है कि ओबामा के शपथ ग्रहण समारोह के ठीक पहले गज़ा में इज़राइल की ओर से युद्धचिराम का ऐलान हो गया. क्‍यों हो गया? इसलिए कि इस बड़े वैश्विक जलसे में उनका जनसंहार व्‍यापक ध्‍यानाकर्षण, और अमरीकी कूटनीति की असुविधा न बने. तकरीबन पांचेक लाख लोगों के बिन पानी और बिजली के संकट के रहने, व 1300 फ़लीस्तिनियों के खात्‍मे से ऐसा नहीं है इज़राइल इतने पर चुप और संतुष्‍ट बैठा रहनेवाला है. बस ओबामा की रोमानी उम्‍मीदी हवाओं के थोड़ा ज़मीन पर आकर स्थिर हो लेने की वह राह तकेगा, कि फिर नये दम से घमासान मचाया जा सके, एक बहके सांड़ की तरह गज़ा के ध्‍वंस को अपने सींग से फिर एक बार चींथ सके, तबाही मचाने और बेघरों को कैसे पिला-पिलाके मारते हैं की एक नयी, जघन्‍य तस्‍वीर बना सके..

किस अंतर्राष्‍ट्रीय कानून के तहत इन युद्ध अपराधियों को सज़ा मिलेगी? कभी मिलेगी? कैसे मिलेगी? महज बर्बर बल के बूते मसले हल करने के इस पाशविक समय में हम सच्‍चायी की नैतिकता और न्‍याय पर यकीन करें? करने का कोई मतलब होगा? नेट के मार्फ़त कुछ भले लोग मतलब ढूंढ रहे हैं, इज़राइल के युद्ध अपराधियों को सज़ा दिलवाने में आपकी दिलचस्‍पी हो तो उनकी मदद करें, यहां जाकर एक दस्‍तख़त करें, मैं अभी करके आ रहा हूं..

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