Saturday, March 21, 2009

जिस तरह का पागलपन..



- ये किस तरह का पागलपन है?

- क्‍या किस तरह का पागलपन है?

- यही जो तुम तब से धुंआ फूंके जा रहे हो, सिगरेट धूंके जा रहे हो? बाईस साल के लड़के नहीं कि किसी को इम्‍प्रेस करना है?

- बाईस साल के लड़के अब सिगरेट धूंककर कहां किसी को इम्‍प्रेस करने की कोशिश करते होंगे, शायद सिगरेट की बात उठते ही खांसकर, या उसे पानी में डूबोकर करते हों?

- व्‍हाटेवर, तुम्‍हें मालूम है मैं क्‍या कह रही हूं!

- दैट आई एम नॉट अ बाईस साल का लड़का?

- दैट यू डोंट नीड टू बी टोल्‍ड, मैं पूछ रही हूं ऐसी बेचैनी क्‍या है? इस तरह दिल क्‍यों जला रहे हो?

- दिल जला हुआ है, दरअसल उसे भूलने के लिए सिगरेट फूंक रहा हूं. तुम्‍हें याद नहीं ‘शोले’ में संजीव कुमार का डायलॉग था, ‘लोहा लोहे को काटता है’?

- जैसे-जैसे उमर बढ़ रही है देख रही हूं तुम कितना समझदार हुए जा रहे हो! स्‍टब ईट!

- मेरे दिल का क्‍या? लेट इट बर्न टू ऐशेज़, उसकी तक़लीफ़ नहीं?

- वन कैन डू व्‍हाट वन कैन डू, वन कांट डू व्‍हाट वन कांट डू.

- दैट्स व्‍हाट आई एम डुइंग, पुटिंग माईसेल्‍फ़ ऑन फ़ायर.

- क्‍या दिक़्क़त क्‍या है तुम्‍हारी? कभी लॉजिकल नहीं हो सकते?

- तुम्‍हारे साथ लॉजिकल? कैन आई? कैन यू? डोंट मेक मी लाफ!

- करेक्‍ट, यू कैन नॉट, फाईन, बर्न यूअरसेल्‍फ़ टू ऐशेज़, इन फैक्‍ट आई माइट एन्‍जॉय द शो!

- ...

- व्‍हॉट?

- नथिंग.

- नहीं, तुम कुछ सिग्‍नल करने की कोशिश कर रहे हो!

- नहीं, तुम सिर्फ़ कुछ वैसा समझदार दिखने की कोशिश कर रही हो जो तुम हो नहीं.

- ओह, शट् अप!

- ओके.

14 comments:

  1. कुछ कुछ अपनापन सा लिए हुए ...रोचक लगी ये लेखनी .....मज़ा आ गया

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  2. दिलचस्प। अवसाद के झीने परदे में।

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  3. मुझे तो ये एलिट वार्ता लगती है ,जो सिर्फ़ वार्ता होती है

    अपनी अपनी डगर

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  4. द मोर वी सक्सीड, द मोर वी थिंक वी बिकम केपेबल, द मोर वी ऐड ईयर्स टू अवर लाइव्स, द मोर वी गेट ट्रैप्ड टू अवर इमेज लाइक कैकून।

    एक्सीलेण्ट पोस्ट, आइ मस्ट से!

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  5. दिलचस्प है सर जी ....

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  6. छोड़ क्यों नहीं देते ?

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  7. It has got both ,smoothness and satisfaction !

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  8. सबके भीतर कोई जलता है, जब तक अपना नहीं जलता, तब तक धुआं दिखाई नहीं पड़ता. किसी का दर्द महसूसने के लिए पहले उस तरह का दर्द होना जरूरी होता है शायद. है ना?

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  9. एक दिमागदार पोस्‍ट पहली बार पढ रहा हूं, शायद।

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  10. सोचने को मजबूर करता है यह पागलपन...

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  11. जब दिल जले तो धुआं तो दिखेगा ही :)

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  12. let it burn to d ashes.....!!
    vry nice..touchy

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