ब्‍लू..

4 कमेंट - लजाइये नहीं, टिपियाइये

फ्रेंच डाक्‍टर, लेखक, दार्शनिक आनरी लाबोरित ने कहीं लिखा है ऐसे वक़्तों में ज़ि‍न्‍दा रहने और सपना देख सकने का इकलौता रास्‍ता यही है कि आदमी पलायन करे. मोटी-पतली किसी भी गली से 'निकल' ले. डाकसाहब ऐसे हल्‍के नहीं कि ऐसी हल्‍की बात करें, मगर कर रहे हैं. लोग करते हैं करना पड़ता है, ज़मीन पर खड़ा आदमी एकदम पेड़ पर चढ़ जाता है, आखिर 'आन्‍ना कारेनिना' के पहले भाग की पहली पंक्ति भी है 'vengeance is mine', अब सोचिये लंबी सुफेद दाढ़ी पर हाथ फेरते हुए बाबा तॉल्‍सताय दयानंद ने शुरुआत ही कैसे गीली चाबुकवाली की, ही मस्‍ट हैव हैड हिज़ रिज़न्‍स. पट्रिसिया हाइस्मिथ 'द टैलेंटेड मिस्‍टर रिप्‍ले' में समझाइश देती हैं, 'if you wanted to be cheerful, or melancholic, or wistful, or thoughtful, or courteous, you simply had to act those things with every gesture.'

इसीलिए ऐसे ही नहीं कहता कि देयर आर मोमेंट्स व्‍हेन द मैन इनसाइड मी फील्‍स सिंपली स्‍पीचलेस..

 
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बहुत लम्बे अरसे से आपका ब्लौग पढ़ रहा हूँ. टिपियाने से लजाता रहा क्योंकि आपके सामने मेरा फ़िल्मी ज्ञान न के बराबर ही है. और जीवन अनुभव भी क्या ख़ाक है मेरा!
एक सवाल : आपको इतनी सारी विदेशी फिल्में कहाँ से देखने को मिल जाती हैं?
कृपया फ्रेंच अभिनेता ज़रार फिलीप के बारे में लिखें. वे मेरे सबसे पसंदीदा कलाकार हैं.

अनूप शुक्ल - July 19, 2009 11:34 AM

आपकी पढ़ाई की रेंज देखकर ताज्जुब होता है प्रमोदजी!

Pramod Singh - July 19, 2009 12:50 PM

@भैया निशांत,
जीवनानुभव मेरा भी खाक ही है सो इसमें आपके लजाने की बात नहीं. फिलहाल तो फ़ि‍ल्‍में देखना ज़्यादातर इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की दया से ही हो रहा है. आपने याद दिलाया तो अब ख़्याल हो रहा है कि कुछ का नाम उनमें से हमने भले सुना हो, जे़रार फिलीप की फ़ि‍ल्‍में हमने लगभग एकदम नहीं ही देखी हैं.
@पंडिजी,
ऐसे घबराइये नहीं, पढ़ाई तो क्‍या होती है रेंज ही बनाता रहता हूं फिर पट्रिसिया हाइस्मिथ की समझाइश वाले अंदाज़ में पढ़नेवाली एक्टिंग करने की कोशिश करता हूं तो पता चलता है चेहरे पर ससुर उचित जेस्‍चर तक नहीं बन पा रहे..

neelima sukhija arora - July 23, 2009 3:03 PM

द मैन इनसाइड मी फील्‍स सिंपली स्‍पीचलेस.. अपनी तो यहां सुई अटकी है, हालांकि शुक्लजी के पूणर्तः समथर्न में है, आपके पढ़ाई की रेंज गजब है।
पता नहीं कहां कहां से क्या क्या खोज लाते हैं, पढ़ने के लिए। आपकी सजेस्ट की हुई कुछ फिल्में भी देख चुके हैं सबटाइटल्स की बदौलत। पर पोस्ट का शीर्षक ब्लू और द मैन इनसाइड मी फील्‍स सिंपली स्‍पीचलेस..

स्टिल आय एम स्टक देयर

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