Saturday, August 8, 2009

बेहयायी के बतकुच्‍चन..





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6 comments:

  1. एतना बतकुच्चन ठीक नइखे. कउनो डकैत आ के लेई जाई ना तहरा के...तब्बे बुझाइ. :) इ सभ बात पब्लिकली बोले के ना है न जी.

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  2. ब्लोगिंग भी चित्रकारी भी,बढिया है, प्रमोद बाबू

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  3. मने कि मजा आही रहा है जी। चिचिरी पारते रहिए।

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  4. जादा क्योचन करे तो गोली चलाये दो..काफी दिन से चलाये भी नहीं हो!

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  5. :) sir the caption itself pulled me to chk this out.... waise ur posts are eagerly awaited always... :)

    aur bhojpuri ke saath aap angrezi shabdon ko jis tarah se use karte hain , veh prayog mujhe bahtu accha lagta hai... u do it in such a skillful manner ki angrezi shabd kabhi akharte nahin ...balki vo bhi usi rang meion rach bas jaate hain...

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