Tuesday, September 1, 2009

रंग-बदर.. भदर-भदर..



(स्‍केच को बड़ाकार देखने के लिए क्लिकियाकर अलग खिड़की में खोलें)

8 comments:

  1. वेरी क्रिएटिव..बंधुवर!!

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  2. तस्वीर अधूरी क्यों है..? क्या सेंसर ने कैंची चला दी..?

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  3. @कुश,
    जंगल शुचिता के ससुराल में है, हाथ इसीलिए ऐसे बेहाल में है..

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  4. color ke range ke hain. puri Tasveer ek poem ki tarah lag rahi hai.
    gud

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  5. ये नयन डरे डरे ...

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  6. colouring achi hai...
    child colourist ki tarah..

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  7. स्ट्रोक्स जबरजस्त हैं..

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