Friday, October 30, 2009

कुएं के..



टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र


टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र

टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र
टर्र टर्र, टर्र टर्र

25 comments:

  1. सुंदर और प्रभावी अभिव्यक्ति है। बधाई!

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  2. टर्र टर्र, टर्र टर्र
    टर्र टर्र, टर्र टर्र
    टर्र टर्र, टर्र टर्र
    टर्र टर्र, टर्र टर्र
    Ha-ha-ha-ha-ha....
    श्रीमान, मैं कुंए के बाहर से कर रहा हूँ :) BTW, इतना बड़ा मौन व्यंग्य आपने कसा किस पे, इस ब्लॉगजगत पे या फिर ...... कृपया यह भी बता दे तो मेहरबानी !

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  3. चित्र और शब्द-ध्वनि
    का कॉम्पिटिशन ...
    कला भी क्या बाला है |

    आपको कयामती वाह....

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  4. यह रही सर्वोत्तम प्रतिक्रिया. :)

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  5. are bhai itnaa tar tar !!
    kya abhivyakti ki hain sachmuch adwitiya
    jyotishkishore.blogspot.com

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  6. तुसी ग्रेट हो सर जी...प्रणाम !

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  7. खूद की बिरादरी पर व्यंग्य करने के लिए बड़ा जिगर चाहिए सा'ब.
    बाकी तो हमारी भी
    टर्र टर्र, टर्र टर्र
    टर्र टर्र, टर्र टर्र
    टर्र टर्र, टर्र टर्र
    टर्र टर्र, टर्र टर्र (कॉपी की है)

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  8. माशा अल्लाह ! क्या उम्दा पोस्ट बन पड़ी है.... पूरी कविता लाजवाब है...

    लीजिये हम भी टर्र-टर्र कर लिए...

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  9. वैसे देखकर आनंदोच्‍छलित आश्‍चर्य हो रहा है कि भाई, बाबुओं को ऐसे अकड़े विमर्श का ऐसी उखड़ी अभिव्‍यक्ति इतनी आसानी से समझ भी आ रही है.. हद है.

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  10. Hindi samaj ki baudhdhik prakharta ka andaza isi bat se lagaya ja sakta hai ki logo ko arth kitani zaldi samajh me aa gaya....

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  11. आहा.. क्या कविता है.. क्या लिखते हैं आप.. ऐसे ही लिखते रहें.. :)

    बिलोगिया टिप्पणी से इतर, बढ़िया व्यंग्य दे मारा है गुरू..

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  12. सरजी, इस पोखर से बाहर आने का उपाय तो बताइए..कही ऐसा ना हो कि हम भी टर्र टर्र करने लगे

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  13. :-)सबसे बेहतर प्रतिक्रिया ..अब तक देखि और पढ़ी गई पोस्टों में.


    आपका "सिलेमा" ब्लॉग देखा ..पसंद आया.

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  14. टर्र टर्र पर बेहतरीन टर्र टर्र

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  15. बेहतरीन...................!!

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  16. सत्ताइसवीं टर्र कुछ अधिक ही मधुर लगी।
    घुघूती बासूती

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  17. टर्र टर्र टर्र ......क्या बला है ...वर्षात में तो समझ में आता था ,क्या ..शीत में मौसम बदलने वाली है--?
    तब तो आप भी टर्र-- और हम भी टर्र ....................

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  18. उलट कर
    टर्र टर्र
    किस किसने
    रटा
    जल्‍दी बता।

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  19. आपके ब्लॉग पर टर्र टर्र पढ़कर बिटिया द्वारा भेजे एक एस एम् एस याद आ गया . बहुत से टर्र टर्र के बाद था - पर्र पर्र . और आगे था - डोंट चेंज द टॉपिक.

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  20. फोटो से लग रहा है कि मर गया टर्राते हुए.

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  21. हे हे.. मुझे अपने पर शर्म आ रही है कि कोई मर गया है और मुझे हसी आ रही है... :(

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  22. इस समसामयिक कविता को फ़िर से पढने आया हू :)

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  23. आपका ये ब्लॉग कुछ हफ्ते पहले पढ़ा था, समझ में नहीं आया था! उस समय हिंदी ब्लॉग जगत में एकदम टटका थी....आज कुछ हफ़्तों बाद पढ़ के इतनी हंसी आई की क्या बताऊँ... हा हा हा हा...सही कहा ...टर्र टर्र टर्र टर्र टर्र...हा हा ...

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