Wednesday, December 16, 2009

गीक..



फेसबुक पर विनय का पोस्‍टेरस डॉट कॉम का एक इबो (ओगो, सोत्‍ती?) लिंक दिखा, पुरानी आदत के मारे, मुफ़्ति‍या माल दिखते ही तड़ देना हम जेब में साटे उड़ लिये.

(तस्‍वीर को बड़ाकार देखने के लिए तस्‍वीर पर चूहा ले जाकर उसे नये टैब में खोलें.)

1 comment:

  1. देखे। फ़ेसबुक में इत्ता कलाकारी हो सकता है-- वाह!

    ReplyDelete