Wednesday, January 27, 2010

सपना..

सपने देखना, और

थककर सोने जाना

जागकर फिर देखना

व्‍यौहारी, दुनिया-निहारी

कनिया चौंकी पूछे जो

आये किधर से और

जाओगे किधर, बाबू

मीठे लजाकर कहना,

जी, सपना, सपना?

4 comments:

  1. आपको समझने में कई साल और लगेंगे ? लगेंगे क्या ?

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  2. अभी अभी गहरी साँस ली...

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  3. हक़िक़त में जीना
    और सपने ना देखना..
    कोई जो पूछे,
    लजाकर कहना..
    सपने देखकर कोई
    जीने देता है भला?

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