सुखी कैसे हों की तकलीफ़देह पड़ताल में जुटे प्रमोद सिंह की नोटबुक..
Feb 27, 2010
माचिस मद्धिम पुरान..
माचिस नहीं मिलता. कुछ भी कहां मिलता है. बच्चों का गेंदा हेराया है. लेकिन जनार्दन मिसिर का बेटियो तो हेरायी है, फिर? दू कट्ठा का एक टुकड़ा बेचा सकता है, जैसे ज़रा सा अरमान गांव के बाहर फेंका सकता है.