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शंघाई में अमरीका, शिकागो में चीनी..
बंटवार: किताबी दुनिया
दोनों लेख पढ़ने के बाद एक बात समझ आती है-अमरीकी अपने नजरिए से शंघाई में चीन को देखता है और चीनी शिकागो में अपने नज़रिए से चीन को देखता है. हम एशियाई सेल्फ ऑब्सेशन में ऐसा करते हैं या हीनता-बोध में? कभी प्रकाश डालियेगा.
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दोनों लेख पढ़ने के बाद एक बात समझ आती है-
अमरीकी अपने नजरिए से शंघाई में चीन को देखता है और चीनी शिकागो में अपने नज़रिए से चीन को देखता है. हम एशियाई सेल्फ ऑब्सेशन में ऐसा करते हैं या हीनता-बोध में? कभी प्रकाश डालियेगा.