Saturday, August 21, 2010

छुपे की कुछ तस्‍वीरें..

छितराई-छितराई और थोड़ी सी ही हैं, और भी होतीं, मगर फिर, आसमान में बहुत बादल और जमीन पर ढेर सारा पानी बना रहा है. अभी भी वैसा ही कुछ और भीतर घुमड़ती अनिश्चितता है..















ज़्यादा तस्‍वीरें सुदर्शन जुयाल ने ली हैं. अतिरिक्‍त मैंने और एकाध सुषमा नैथानी ने ली हैं. तस्‍वीरों की दुनिया उत्तराखंड के जौनसार क्षेत्र के चकराता और ईछला गांव व आसपास का संसार है.

(यह ख़ास घुघूती के लिए)

11 comments:

  1. जीवन के काफी रंग बिखरे हैं - इन तस्वीरों में.
    बदिया

    ReplyDelete
  2. वाह ! क्या खूब ! बहुत सुन्दर । मन ललचा रहा है । बधाई !

    ReplyDelete
  3. बहुत बढ़िया लगी तस्वीरें.

    एक तस्वीर देखकर एक बात मन में आई सो पूछ लेते हैं. आप बच्चों को बहुत प्यार करते हैं. फिर हमरे ऊपर काहे तिनग जाते हैं?..:-)

    ReplyDelete
  4. बेहद खूबसूरत हैं !

    ReplyDelete
  5. जीवन के खूबसूरत पहलू।

    ReplyDelete
  6. पहाड़ो का अपना एक अलग मज़ा है...वैसे पहाड़ की तस्वीरें जिधर से खींचो आती अच्छी ही हैं......।

    ReplyDelete