Monday, March 28, 2011

अरेण्‍येर दिबस ओ रात्रि..



(चित्र को बड़ाकार देखने के लिए चटकाकर उसे नई खिड़की में खोलें.)

7 comments:

  1. अरेण्येर रात्रि आर सुधु रात्रि..दिन कोथाय?
    राम बाबू बोलेन. कोथाय?

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  2. @शी एम,
    राम बाबूर नोम्‍बोर निये एकटा फोन कोरते पारेन ना की ? आपनारे मतुन कोलकाता तीके 'मैनेझमेंट' कोरेछे जे ?

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  3. बंगाली सीखेंगे?...हिंदी के माध्यम से,

    http://www.ciil-ebooks.net/html/home/oeb2.html

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  4. इधर इस किताब की समीक्षा पढ़ी। किताब का अनुवाद आया है।

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