Monday, November 19, 2012

भाबना गुलो.. एक तस्‍वीर..

“एतो.. कतो रकोमेर भाबना गुलो.. ओ मा, कहां-कहां भहराये रहता हूं? कौन बजह है इन भहराहटों की, बस, उसकी पहचान नहीं होती?” गुनगुनाये-सा में सुकेश दा ने कहा और चार कदम डोलते-सा चले और फिर हारकर खड़े हो गए. हाथ एक मर्तबा हवा में घुमाया, शायद सहारे के लिए आसपास थामने को कोई चीज़ टटोल रहे हों, फिर बेबसी से उसे बगल में गिराये चुपचाप गुमसुम खड़े रहे.

‘पीला पाता’ वाले मैदान के छोर पर गजेंद्र साइकिल के राड पर चूतड़ टिकाये, दाहिने पैर को जमीन पर ब्रेक की तरह फंसाये, सुकेश दा की छटपट, बेचैनी का नज़ारा ले रहा था.

गजेंद्र की उम्र सत्रह की है, अपने को वह अपनी उम्र से सात साल बड़ा समझता है, और इलाके में दूसरों को भले न हो, सुकेश दा के प्रति उसके अंदर कोई दबी करुणा है जो उससे जब-तब साइकिल रुकवाती रहती है, सीधा काम उल्‍टा कराती रहती है. ऐसी मानने की वजह नहीं फिर भी गजेंद्र मन ही मन मानता रहता है कि सुकेश दा की आकुल पुकार उसे ही संबोधित है.

गजेंद्र नहीं जानता कि सुकेश दा के आवारा, ‘बे-ठेकाना’ सवाल किसी संधानी खोज में नहीं निकलते, आवारा अंधेरे से छूटकर वापस उन्‍हीं अकुलाये अंधेरों में उतरते, डूबते रहते हैं. निरवंशी हवेली से उठती हकबकायी हूकों की अनुगूंजें!

आंतरिक गुफ्तगू के संगीत में उलझा आदमी एक समूचा आबाद अंधा कुंआ है, उसमें झांकने से कभी अंधेरी रातों में, किस्‍मत से कभी, सांपों की परछाइयां दीख पड़ें, सांप कभी पकड़ नहीं आते, मगर यह गजेंद्र की उम्र अभी नहीं जानती. शायद बीसेक वर्षों बाद भी न जान पाये..

7 comments:

  1. आपके इस प्रविष्टी की चर्चा बुधवार (21-11-12) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

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  2. प्रिय ब्लॉगर मित्र,

    हमें आपको यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है साथ ही संकोच भी – विशेषकर उन ब्लॉगर्स को यह बताने में जिनके ब्लॉग इतने उच्च स्तर के हैं कि उन्हें किसी भी सूची में सम्मिलित करने से उस सूची का सम्मान बढ़ता है न कि उस ब्लॉग का – कि ITB की सर्वश्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉगों की डाइरैक्टरी अब प्रकाशित हो चुकी है और आपका ब्लॉग उसमें सम्मिलित है।

    शुभकामनाओं सहित,
    ITB टीम

    पुनश्च:

    1. हम कुछेक लोकप्रिय ब्लॉग्स को डाइरैक्टरी में शामिल नहीं कर पाए क्योंकि उनके कंटैंट तथा/या डिज़ाइन फूहड़ / निम्न-स्तरीय / खिजाने वाले हैं। दो-एक ब्लॉगर्स ने अपने एक ब्लॉग की सामग्री दूसरे ब्लॉग्स में डुप्लिकेट करने में डिज़ाइन की ऐसी तैसी कर रखी है। कुछ ब्लॉगर्स अपने मुँह मिया मिट्ठू बनते रहते हैं, लेकिन इस संकलन में हमने उनके ब्लॉग्स ले रखे हैं बशर्ते उनमें स्तरीय कंटैंट हो। डाइरैक्टरी में शामिल किए / नहीं किए गए ब्लॉग्स के बारे में आपके विचारों का इंतज़ार रहेगा।

    2. ITB के लोग ब्लॉग्स पर बहुत कम कमेंट कर पाते हैं और कमेंट तभी करते हैं जब विषय-वस्तु के प्रसंग में कुछ कहना होता है। यह कमेंट हमने यहाँ इसलिए किया क्योंकि हमें आपका ईमेल ब्लॉग में नहीं मिला।

    [यह भी हो सकता है कि हम ठीक से ईमेल ढूंढ नहीं पाए।] बिना प्रसंग के इस कमेंट के लिए क्षमा कीजिएगा।

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  3. कमाल है - कमाल का बिलाग है - और हम अभी तक इसके दर्शन भी नहीं लिए थे ।

    वो तो भगवान भला करें आलसी जी का , कि इस बिलाग पर पूरी पोस्ट लिखे हैं कल । अब तो हम "अंधारघर के ढिबरी कैरियर्स" बन ही जाते हैं जल्दी से । अद्भुत है अद्भुत सच में ...

    ओह्हो - देखते हैं कि अल्पना जी भी आई हैं :)

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  4. उत्‍साही होने का शुक्रिया, डाक साहिबा..

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  5. :)
    हम किधर उत्साहित हैं ?

    न जी न - हम तो वड्डे सीईईईरियस हैं :)

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  6. BlogVarta.com पहला हिंदी ब्लोग्गेर्स का मंच है जो ब्लॉग एग्रेगेटर के साथ साथ हिंदी कम्युनिटी वेबसाइट भी है! आज ही सदस्य बनें और अपना ब्लॉग जोड़ें!

    धन्यवाद
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