Friday, April 24, 2015

मि.. मिस.. मिस्सिंग..

चलिये, एक हानी, हानी नहीं कहानी, येहू संभालिए.. धीमे-धीमे बांचियेगा, आंखों को गड़ जायेगा फिर हमसे शिकायत मती कीजियेगा..
















2 comments:

  1. हर इन्सान का कुछ न कुछ हेराया हुआ है।

    बहुत अच्छे स्केच हैं। वाह।

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